यही तो
यही तो बात है की कोई बात नहीं ,
ये जो रात है वो रात नहीं ,
हारा तो जरूर उससे ऐ आशिक ए दिल ,
ये जो मात है वो मात नहीं |
मिली है कैद किसी की तो हर्ज क्या है,
ये जो हवालात है वो हवालात नहीं ,
तोड़ा है उसने जो मेरा भरोसा ,
मिली है घात मगर वो घात नहीं , यही तो...
पूछा है जो मैंने उससे हाल ए दिल,
कहा है उसने मुझसे कोई सवालात नही,
जो मैंने उसको दिखाया है तोता-मैना,
कहा है उसने कि इश्क़ की कोई जात नहीं ,यही तो ....
BY - ANUJ DATT DWIVEDI

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