तमाम हजरते थी,
कि औलाद पा लेते,
लड़की ही सही अपना लेते,
तुम्हारी उम्मीदों पर खरी न उतरती तो कहते,
समाज मे लक्ष्मीबाई न बनकर उभरती तो कहते,
लड़को का क्या है सिर्फएल एक वंश बढ़ाते है
लड़किया तो दो कुल बढ़ाती है
यह सब जानकर भी खुद से दूरिया बना ली,
जानबूझ कर भरी कोख उजड़ा दी
तो अब भुगतो .......
ANUJ DATT DWIVEDI
कि औलाद पा लेते,
लड़की ही सही अपना लेते,
तुम्हारी उम्मीदों पर खरी न उतरती तो कहते,
समाज मे लक्ष्मीबाई न बनकर उभरती तो कहते,
लड़को का क्या है सिर्फएल एक वंश बढ़ाते है
लड़किया तो दो कुल बढ़ाती है
यह सब जानकर भी खुद से दूरिया बना ली,
जानबूझ कर भरी कोख उजड़ा दी
तो अब भुगतो .......
ANUJ DATT DWIVEDI

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